📊 CBSE कक्षा 12 · ग्रेडिंग · 2026

CBSE कक्षा 12 ग्रेडिंग सिस्टम 2026

A1 से E तक — हर ग्रेड का मतलब, CGPA कैसे बनता है, और रिलेटिव ग्रेडिंग क्या है। पूरी जानकारी हिंदी में।

CBSE कक्षा 12 ग्रेड स्केल — A1 से E तक

ग्रेडग्रेड पॉइंटअनुमानित प्रतिशतअर्थ
A11091–100%उत्कृष्ट
A2981–90%श्रेष्ठ
B1871–80%बहुत अच्छा
B2761–70%अच्छा
C1651–60%संतोषजनक
C2541–50%ठीक है
D433–40%पास (न्यूनतम)
E33% से कमफेल
⚠️ महत्वपूर्ण: ये प्रतिशत सीमाएं सिर्फ अनुमानित हैं। CBSE रिलेटिव ग्रेडिंग का उपयोग करता है — हर साल ग्रेड की सटीक सीमाएं बदल सकती हैं।

क्या CBSE कक्षा 12 की ग्रेडिंग रिलेटिव है या फिक्स्ड?

CBSE कक्षा 12 की ग्रेडिंग रिलेटिव (सापेक्ष) है — यानी आपका ग्रेड इस बात पर निर्भर करता है कि आप पूरे भारत के छात्रों में कहाँ हैं, न कि किसी फिक्स्ड मार्क्स पर। इसीलिए एक ही अंक अलग-अलग साल में अलग-अलग ग्रेड दे सकते हैं।

CBSE कक्षा 12 में CGPA कैसे बनता है?

CGPA = (5 मुख्य विषयों के ग्रेड पॉइंट का जोड़) ÷ 5

उदाहरण: यदि आपके ग्रेड पॉइंट 9, 8, 10, 8, 9 हैं — तो CGPA = (9+8+10+8+9) ÷ 5 = 44 ÷ 5 = 8.8

CGPA को प्रतिशत में कैसे बदलें?

CBSE का अनुमानित फॉर्मूला: प्रतिशत = CGPA × 9.5

उदाहरण: CGPA 8.8 × 9.5 = 83.6% (अनुमानित)

🧮 सटीक प्रतिशत के लिए अंकों का उपयोग करें: (5 विषयों के कुल अंक ÷ 500) × 100SkillYog % कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

ग्रेड E का मतलब — फेल

ग्रेड E का मतलब है कि छात्र उस विषय में फेल हो गया है (33% से कम)। E1 और E2 नहीं होते — सिर्फ एक E ग्रेड है। फेल छात्र कम्पार्टमेंट परीक्षा (जुलाई 2026) दे सकते हैं।

कक्षा 10 और कक्षा 12 की ग्रेडिंग में अंतर

विशेषताकक्षा 10कक्षा 12
ग्रेड स्केलA1 से E1/E2A1 से E (एक ही E)
ग्रेडिंग प्रकाररिलेटिवरिलेटिव
% मार्कशीट परनहींनहीं
CGPA10-पॉइंट स्केल10-पॉइंट स्केल

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

A1 CBSE का सर्वोच्च ग्रेड है (ग्रेड पॉइंट 10)। यह राष्ट्रीय टॉप परसेंटाइल छात्रों को मिलता है — लगभग 91% या उससे अधिक अंक। लेकिन यह रिलेटिव है और हर साल बदल सकता है।
CGPA = 5 मुख्य विषयों के ग्रेड पॉइंट का औसत। उदाहरण: ग्रेड पॉइंट 9+8+10+8+9 = 44, 44÷5 = 8.8 CGPA। अनुमानित प्रतिशत: 8.8 × 9.5 = 83.6%। सटीक प्रतिशत के लिए अंकों का उपयोग करें: (कुल अंक ÷ 500) × 100।
हाँ, CBSE कक्षा 12 की ग्रेडिंग रिलेटिव है। ग्रेड फिक्स्ड मार्क्स पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्रदर्शन वितरण पर निर्भर करते हैं। इसीलिए एक ही अंक पर अलग-अलग साल अलग ग्रेड मिल सकती है।
E ग्रेड का मतलब है छात्र फेल है — उस विषय में 33% से कम अंक आए। कक्षा 12 में E1/E2 नहीं होता, सिर्फ एक E ग्रेड होता है। फेल छात्र जुलाई में कम्पार्टमेंट परीक्षा दे सकते हैं।